Website Cookies क्या होती है – Cookies कितने प्रकार की होती है | Cookies के फायदे और नुकशान क्या है

Website Cookies क्या होती है – Cookies कितने प्रकार की होती है : अगर आप कभी भी किसी भी स्पोर्ट्स वेबसाइट या न्यूज वेबसाइट पर पहली बार जाते है तो आपको एक नोटिफिकेशन रिसीव होता है जिसमे यह लिखा होता है कि आप Cookies को एलाऊ करना चाहते है या नही, हम से अधिकतम लोगो को इसका बारे में मालूम भी नही होगा और वो लोग कन्फ्यूज्ड हो जाते है कि एलाऊ करे या नही करे।

तो आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से यह Website Cookies क्या होता है उसके बारे में ही विस्तार से बताने का प्रयास करेंगे जिससे आपकी Website Cookies से जुड़ी हुई सारी समस्या दूर हो जाए तो चलिए अब बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।

Website Cookies क्या होती है

जब भी आप किसी भी वेबसाइट पर सबसे पहले जाते है तो आपके पास first Party Cookies का नोटिफिकेशन आता है, जिससे Allow या Deny दो विकल्प आपके पास रहते है। जिसमे से आप अपने मुताबिक कोई एक विकल्प चुन लेते है।

जब आप First Party Cookies को allow करते है तो इसका मतलब यह होता है कि वो वेबसाइट आपकी हैबिट और डाटा हिस्ट्री को अपने पास सेव रखता है जिससे जब आप उस वेबसाइट पर कभी दुबारा आते है तो आपको आपके सर्च हिस्ट्री के मुताबिक की ही चीजे दिखाता है इससे सरल भाषा में बोले तो First Party Cookies आपके लिए एक recommended चीजों को लेकर आता है।

वही जब आप इस First Party Cookies को allow नही करते है तो वेबसाइट आपकी कोई भी डाटा को कलेक्ट नही करता है तो आपको दूसरी बार भी वेबसाइट पर आने के बाद अपनी पोस्ट दिखाता है जिसका आपकी पसंद नापसंद से कोई लेना देना नहीं होता है।

इसलिए Cookies अगर कोई पॉपुलर या फैमलस वेबसाइट पूछ रही है तो वो एक रिकमेंडेशन टूल के तौर पर काम करता है। वही जब कोई नई या छोटी website Cookies के बारे में आपसे पूछती है तो उसका अन्य मतलब भी हो सकता है जिसके बारे में हम आर्टिकल के निचले सेक्शन में विस्तार से बात करने का प्रयास करेंगे।

Website Cookies कितने प्रकार की होती है

Website Cookies की बात करे तो यह मुख्य तौर पर केवल दो प्रकार की होती है जिसके बारे में हमने आर्टिकल के इस सेक्शन में विस्तार रूप से चर्चा की है तो चलिए शुरू करते हैं।

First Party Website Cookies

यह वो Website Cookies होती है जो आपसे प्राप्त किए गए डाटा को आपका यूजर इंटरफेस सुधारने या यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर करने के मकसद से कलेक्ट करती है। उदाहरण के तौर पर जब आप फ्लिपकार्ट में कोई नया प्रोडक्ट सर्च करते है तो उसके बाद जब भी फ्लिपकार्ट को आप दूसरी बार इस्तेमाल करते है तो आपको फ्लिपकार्ट खुलते ही होम पेज पर आपके प्रोडक्ट से संबंधित अन्य चीजों के आइकन और प्राइस दिखने लगते है

जिससे आप उस प्रोडक्ट के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सके। बहुत सारी बड़ी बड़ी न्यूज वेबसाइट भी ऐसा ही तरीका अपने कस्टमर के साथ अपनाती है जिसे वो कस्टमर के सर्फिंग हैबिट हो देखती है फिर उससे संबंधित चीजों ही उनको रिकमेंड करती है।

Third Party Website Cookies

यह वो Website Cookies होती है जो आपसे प्राप्त किए गए डाटा को अन्य किसी वेबसाइट या किसी भी सर्वर को बेच देती है। जिससे आपके मोबाइल में पड़ी हुई चीज भी लीक हो सकती है। इसलिए जब भी कोई भी वेबसाइट आपके Third Party Website Cookies को allow करने के बारे में पूछे तो आपको कभी भी allow नही करना चाहिए क्योंकि अगर आप ऐसा करते है इससे आपके डाटा का लीक होना का चांसेस काफी हद तक बढ़ जाते है।

काफी सारी छोटी वेबसाइट का तो यह तरीका है पैसे को कमाने का वो आपके मोबाइल या डिवाइस से डाटा कलेक्ट करती है और उसे किसी कंपनी या फ़िर किसी भी ऐसे सर्वर को बेच देती है जो उनको उसके बदले अच्छा खासा पैसा प्रदान करते है।

कौन सा Website Cookies आपके लिए बेहतर है

ऐसे देखा जाए तो दोनो ही प्रकार के Website Cookies आपसे डाटा कलेक्ट करते है वही First Party Website Cookies आपके यूजर इंटरफेस और यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर करने के लिए उस डाटा का प्रयोग करते है

वही Third Party Website Cookies आपके मोबाइल या डिवाइस से कलेक्ट किए गए डाटा को किसी भी सर्वर को या फिर किसी भी कंपनी को बेच देती है, जिससे आपके डिवाइस का सारा डाटा लीक हो जाता हैं। जब आप यह देखते है तो आप यह कह सकते है कि First Party Website Cookies आपके लिए बेहतर है।

Website Cookies के क्या फायदे है

Website Cookies के फायदे की बात करे तो वो नीचे लिखे हुए है,

  • इन Website Cookies से आपको एक ही चीज को बार बार गूगल पर सर्च करने की जरूरत नही होती है क्योंकि वो सब चीज आपके recommendation टैब में पहले से ही मौजूद होती है।
  • Website Cookies को allow करने से आपका डाटा भी काफी हद तक बच जाता है क्योंकि आपकी किसी भी वेबसाइट पर सर्फिंग कम हो जाती है।

Website Cookies के नुकसान क्या है

Website Cookies के नुकसान की बात करे तो उसके बारे में केवल यह ही है कि अगर आप Third Party Website Cookies को allow करते है तो उससे आपके मोबाइल में जो भी डाटा रहता है वो बिलकुल भी सुरक्षित नहीं होता है और उस डाटा के लीक होने के चांसेस काफी हद तक बढ़ जाते हैं। इसलिए हम बस आपको यही सुझाव देंगे कि आप Website Cookies को allow करने से पहले देख ले कि वो कौन से Website Cookies है?

Website Cookies को Delete कैसे करे

अगर आप को लगता है कि आप अब किसी वेबसाइट का इस्तेमाल नही कर रहे है और आप उस वेबसाइट पर आपके मोबाइल द्वारा कलेक्ट किए गए डाटा को डिलीट करना चाहते है तो आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

  • सबसे पहले आपको अपने वेब ब्राउजर में जाना होगा।
  • उसके बाद वहा सेटिंग्स के विकल्प पर जाए।
  • सेटिंग के विकल्प पर जाने के बाद advanced Settings के विकल्प पर जाए।
  • जिसके बाद आपके पर Clear Browsing Data का विकल्प दिखाई देगा। जिसके द्वारा आप Website Cookies को अपने मोबाइल से डिलीट कर सकते है और इस प्रकार ही आप अपने मोबाइल से कलेक्ट किए गए डाटा को लीक होने से बचा सकते हैं।

निष्कर्ष

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको website Cookies और उससे संबंधित चीजों के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर ऐसा है तो आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तो और सहपाठी के साथ शेयर भी कर सकते हैं वही अगर आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपके मन में किसी भी प्रकार का कोई सवाल या सुझाव आता है तो आप हमसे नीचे दिए गए कॉमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं।

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