नये ब्लॉगर के लिए 15 जबरदस्त SEO Tips हिंदी में | 15 Killer SEO Tips For New Bloggers in Hindi

SEO का उपयोग वेबसाइट की रैंकिंग को बढ़ाने के लिए किया जाता है, और वेबसाइट को SEO ऑप्टिमाइज़ इसीलिये बनाया जाता है कि ज्यादा से ज्यादा लोग उस वेबसाइट पर आयें, इसलिए SEO का उपयोग किया जाता है कि उस वेबसाइट की post सर्च इंजन में top result में show हो, अगर आप चाहते हैं कि आपका ब्लॉग पोस्ट google के top result में शामिल हो और आपको बहुत ज्यादा ट्रैफिक मिले तो आपको इसके SEO को बढ़ाना होगा जिसके लिए कुछ आवश्यक किलर टिप्स हैं जो कि निम्न प्रकार से हैं –

15 Killer SEO Tips For New Bloggers in Hindi

नये ब्लॉगर के लिए 15 जबरदस्त SEO Tips हिंदी में | 15 Killer SEO Tips For New Bloggers in Hindi

1. Domain name सेलेक्ट करे

नाम किसी ब्लॉग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, दरअसल डोमेन किसे blog के web address को कहा जाता है, किसी भी व्यक्ति या वास्तु की पहचान उसके नाम से ही होती है, वैसे ही ब्लॉग की पहचान उसके डोमेन नाम से होती है, इसकी वजह से पाठकों को website पर visit करने में आसानी होती है, और बिना डोमेन नाम के आपकी वेबसाइट पर नहीं जाया जा सकता है,

डोमेन  नाम को हमेशा आकर्षक और छोटा होना चाहिए,ताकि इसे याद रखने में आसानी हो, और इसे टाइप करना आसान हो, इसलिए डोमेन select करने से पहले बहुत अच्छी तरह से सोच विचार करना आवश्यक है, ताकि एप सरल और सहज डोमेन नाम को select कर सकें,और जो लम्बे समय तक लोकप्रिय बना रह सके,

डोमेन नाम आपके ऑनलाइन पते को मजबूत करता है, उचित डोमेन नाम  आपके ब्लॉग में विश्वसनीयता जोड़ते हैं,और आगंतुकों को आपको ऑनलाइन खोजने में मदद करते हैं,इसके माध्यम से आप अपनी ऑनलाइन दृश्यता बढ़ा सकते हैं, एक डोमेन नाम के बिना लोगों को आपका IP address याद रखना पड़ेगा, जो कि काफी जटिल होता है, और इसे याद रख पाना संभव नहीं होता है, इसलिए वेबसाइट या ब्लॉग के दर्शकों को बढ़ाने के लिए उचित डोमेन नाम अत्यंत आवश्यक है|

2. Niche Topic decide करे

Blog को ज्यादा से ज्यादा user पढ़ें इसके लिए यह जरुरी हो जाता है कि हम best niche का चुनाव करें, niche का चुनाव करने में अगर कोई गलती होती है तो इसका blog पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, किसी ब्लॉग के topic को niche कहा जाता है, या किसी विशिष्ट विषय पर ब्लॉग लिखना उसका niche कहलाता है, niche के कारण user को website ढूडने में आसानी हो जाती है,  

सही niche का चुनाव न करना किसी ब्लॉग की असफलता का कारण हो सकता है,गलत चुनाव के कारण ब्लॉग की सफलता के chance कम हो जाते हैं,niche या topic के कारण ही ब्लॉग के विषय के बारे में पता चलता है कि इस ब्लॉग में किस प्रकार की जानकारी दी गयी है, जैसे – Food, Fashion, Health, इत्यादि यह अलग-अलग प्रकार के niche हैं,

अधिकाँश ब्लॉग एक ही प्रकार क niche पर आधारित होते हैं, इसलिए उनमें एक ही तरह की जानकारी होती है, जैसे Health पर अगर कोई blog है तो उसमें Health से सम्बंधित जानकारी ही होगी लेकिन कुछ General niche होते हैं इनमें सभी प्रकार के कंटेंट देखने को मिल जाते हैं,

Niche select करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि हमेशा यह ध्यान रखना चाहिये कि जिस niche पर आपका ब्लॉग है उसमें आपको interest हो तथा इस बारे में आपको अच्छी जानकारी व अनुभव हो, लेकिन यह ध्यान रखना भी जरुरी है कि उस विषय के बारे में जान्ने के लिए लोग भी उत्सुक हों |

3. सही Hosting सेलेक्ट करे

नया ब्लॉग शुरू करने में सबसे महत्वपूर्ण है कि सही होस्टिंग का चुनाव करना, अगर आपका ब्लॉग पाठकों द्वारा नहीं देखा जा रहा है तो संभावना है कि होस्ट की समस्या हो, दरअसल hosting आपके ब्लॉग के लिए एक space का निर्धारण करती है,

एक अच्छी hosting सेवा आपके ब्लॉग को सुरक्षित बनाती है,यानी कि हैक होने से बचाती है,अच्छी ग्राहक सेवा वाली hosting चुनने से यह आपके डाउन टाइम को बचाती है,अर्थात साईट कभी डाउन नहीं होती,

दरअसल web hosting ब्लागर्स के लिए अपने ब्लॉग को सभी दर्शकों के लिए हर समय सक्रीय और सुलभ बनाना है, hosting सेवायें उपयोगकर्ताओं को वेबसाइट से सम्बंधित फाइलों तथा ब्लॉग के सभी आवश्यक डाटा को संगृहीत रखता है, आपका ब्लॉग hosting के माध्यम से internet और उसके दर्शकों से जुड़ जाता है, इसलिए ब्लागिंग के लिए एक बिश्वश्नीय hosting platform का select करना आवश्यक है |

4. SEO settings प्रॉपर करे

आज के समय में बहुत ही ज्यादा कम्पीटीशन हो चुका है, इसलिए सफल ब्लागर बनने के लिए नए ब्लागर को यह ज्ञान होना अत्यंत आवशयक है कि वह अपने ब्लॉग पर कैसे बेहतर SEO के हिसाब से ब्लॉग पोस्ट बनाए ताकि उसका ब्लॉग google के first page पर रैंक हो सके , गूगल सर्च result में आपके ब्लॉग पोस्ट का न आना यह दर्शाता है कि आपका SEO बिलकुल भी सही नहीं है,

SEO = Search Engine Optimization, यह एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा हम अपने ब्लॉग को इस अनुकूल बनाते हैं कि हमारे ब्लॉग का article search engine में Rank कर सके और हमारे ब्लॉग पर traffic आ सके,

अगर आप सफलता पूर्वक अपने ब्लॉग article का SEO करते हैं तो आप पाठकों में popular होते चले जायेंगे, और उनके मन में आपके प्रति एक जानकार और भरोसेमंद लेखक के छवि बनेगी, सही SEO के कारण आपके ब्लॉग को एक सुब्यावस्थित ब्लॉग की श्रेणी में गिना जाएगा जो कि गुणवत्ता पूर्ण सामग्री प्रस्तुत करती है, और यह सब बातें आपको उच्च रैंक दिलवाने में मदद करेंगी|

5. Sitemap submit करे

साईट मैप हमारी साईट की एक ऐसी फ़ाइल है जो google को बताती है कि आपकी साईट पर किन-किन पेजों की जानकारी मौजूद होनी चाहिए, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है साईट मैप वेबसाइट का मानचित्र है,  जो कि सर्च इंजन को आपकी वेबसाइट की सारी सामग्री को खोजने में मदद करती है तथा उन्हें क्रमानुसार रखती है,

साईट मैप में आपके ब्लॉग के पेज और पोस्ट की details लिखी होती है कि कौन सा पोस्ट कब लिखा गया और कब अपडेट हुआ है, इस प्रकार साईट मैप की मदद से search engine आपकी पोस्ट को जल्दी index करता है |

6. Keyword Research सही से करे

रिसर्च करना ब्लागिंग का महत्वपूर्ण भाग है, बिना keyword रिसर्च के ब्लॉग में ट्रैफिक आना संभव नहीं है,  जब कोई उपयोग करता search engine में कुछ search करता है तो इसे ही  keyword कहा जाता है, keyword research से यह भी आशय है कि आपने यह खोज करनी है कि कौन सा keyword कितनी बार search किया जाता है, उदाहरण के लिए यदि किसी keyword को महीने में 3000 बार search किया गया है तो 3000 उस keyword का search वॉल्यूम है, इस प्रकार यदि आप अधिक search वॉल्यूम वाले keyword पर काम करेंगे तो आपके ब्लॉग में अच्छा ट्रैफिक आयेगा,

इसलिए ब्लागिंग में सफल होने के लिए keyword का ज्ञान होना अति आवश्यक है, इसलिए एक ब्लॉगर को keyword की जानकारी हासिल करते रहना चाहिए, अगर किसी keyword को उपयोगकर्ता किसी भी search engine में search नहीं करता तो इसका मतलब यही है कि उस keyword का कुछ भी महत्व नहीं है, इसके लिए internet पर ज्यादा से ज्यादा article पढ़ने की जरुरत है,इससे यह पता चलता है कि लोग आजकल नेट पर क्या ढूंड रहे हैं और कौन सा टॉपिक Trend में है,

अत: ब्लागिंग में सफल होने के लिए keyword रिसर्च का बहुत महत्व है |

7. Detail Post लिखे

ब्लॉग में किसी भी पोस्ट को डिटेल  में लिखने से यही आशय है कि जिस भी विषय पर आप लिख रहे हैं उसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी जाये, कोई बात छूट न जाय, व पाठक इसे पढ़कर संतुष्ट हो सकें और ऐसा तभी संभव है जब पोस्ट को detail में लिखा जाय इसलिए किसी भी पोस्ट में कम से कम 1000 शब्द अवश्य ही होने चाहिए,

एक उचित गुणवता  वाला पोस्ट हमेशा विस्तृत ही होता है, जिसे पढ़कर पाठकों के मन में कोई भी संशय नहीं रहता, ब्लॉग पोस्ट जितनी लम्बी होगी internet ट्रैफिक बढ़ने की उतनी ही अधिक संभावना होगी, क्योंकि लम्बी पोस्ट में अधिक विशिष्ट और उपयोगी जानकारी होगी, लम्बी पोस्ट में आप किसी विषय को अधिक गहराई से कवर कर सकते हैं, एक विशिष्ट ब्लॉग पोस्ट यह दर्शाती है कि आपने इस पर गहन शोध किया है, यदि कोई पाठक आपके ब्लॉग पर अधिक समय तक रहता है तो आपकी पोस्ट उच्च रैंक करेगी क्योंकि तब google इसे अधिक रोचक व आकर्षक रूप से देखेगा लम्बी पोस्ट में पाठक अधिक समय तक आपके ब्लॉग में रहते हैं,

इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि पोस्ट डिटेल में हो और विस्तारपूर्वक सबकुछ समझाने में सक्षम हो |

8. Keyword Density चेक करे

किसी पोस्ट में किसी एक keyword की आवृत्ति keyword density कहलाता है, अर्थात keyword density से यह पता चलता है कि किसी पोस्ट में एक keyword कितनी बार प्रयुक्त हुआ है,  

मना कि हजार शब्दों वाली किसी पोस्ट में कोई keyword 20 बार इस्तेमाल किया जाता है,तो उस keyword क्व्व density 2% होगी और 2% की density सबसे best मानी जाती है,SEO Expert कहते हैं कि keyword density 1 से 3% के बीच रहनी चाहिए,  density ज्यादा होने पर यह पोस्ट के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है, क्योंकि इसका सो पर उलटा प्रभाव पड़ता है, keyword density की जांच करने के लिए बहुत सारे ओं लाइन tools उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से keyword density को आदर्श density के दायरे में रखा जा सकता है,

इसलिए keyword density को check करते रहना आवश्यक हो जाता है ज्यादा density होने पर google का search engine पोस्ट की रैंकिंग गिरा देता है और ट्रैफिक कम हो जाता है |

9. Post Ka Title Eye-Catching लिखे

यहाँ पर eye catching Title से यह आशय है कि पोस्ट का शीर्षक बहुत ही आकर्षक व लुभावना हो,क्योंकि कोई भी पाठक तभी वह पोस्ट पढेगा जब उसका शीर्षक उसे प्रभावित करेगा और पढने के लिए प्रेरित करेगा, एक अच्छा शीर्षक लोगों को पढ़ने के लिए बाध्य कर देने की एक कुशल रणनीति के रूप में कार्य करता है, ब्लॉग द्वारा उच्च कमाई करने वाले ब्लागरों का यही रहस्य है कि वे आकर्षक और ध्यान खींचने वाले शीर्षकों का उपयोग करते हैं इसलिए जब तक आप अपनी पोस्ट के शीर्षक से पूर्णतया संतुष्ट न हों तब तक पोस्ट को पब्लिश करने से बचना चाहिए

इस प्रकार ब्लॉग पर पोस्ट को लोकप्रिय बनाने के लिए और पाठकों को आकर्षित करने के लिए एक अच्छे व लुभावने शीर्षक का अपना अलग ही महत्व है |

10. Permalink सही से बनाये

यह किसी web पेज का वह web पता ( URL ) है जो कि पुरे जीवन काल में नहीं बदलता है, इसीलिये इसे स्थायी लिंक या PermaLink कहा जाता है, URL किसी पृष्ठ के पते को दर्शाता है,

यह हमेशा https से शुरू होना चाहिए जो कि यह दर्शाता है कि आपका web पेज सुरक्षित है, वैसे तो permalink छोटा होना चाहिए परन्तु इससे यह भी पता चल जाना चाहिए कि यह किस बारे में है, और साथ ही यह कोशिश की जानी चाहिए कि permalink SEO Friendly हो,क्यों कि search engine web पेज के URL से ही रैंकिंग तय करते हैं,

यदि आप permalink का उपयोग नहीं करते हैं तो आप सिर्फ अपने मुख्य ब्लॉग पेज को ही link कर रहे होते हैं और जब आप नयी पोस्ट करते हैं तो नयी प्रविष्टि आपके मुख्य ब्लॉग के शीर्ष पर दिखाई देती है, लेकिन पिछली पोस्ट नीचे की और चली जाती है, और पाठक को धुंडने में दिक्कत आती है, इसके लिए permalink की आवश्यकता होती है |

11. Meta Description Tags का यूज़ करे

एक HTML कारक है, जो कि किसी web पेज के बारे में संक्षिप्त रूप से जानकारी देता है, यह उस पृष्ठ में मौजूद सामग्री का सारांश है, meta description search ranking को प्रभावित करते हैं ये संक्षिप्त पैराग्राफ होते हैं इन्हें पढ़कर user यह तय करते हैं कि क्या यह उनके लिए प्रासंगिक है, और क्या इसमें वह जानकारी है जिसे वह पाना चाहते हैं, क्योंकि आपने इसमें यह बताया है कि आपका पेज किस बारे में है,

meta description कभी भी बहुत नीरस कठिन और गूढ़ नहीं होना चाहिए, इसमें सारी वही बातें होनी चाहिए जो आपकी पोस्ट में हैं इसलिए यह सुनिश्चित अवश्य करें कि आपके ब्लॉग की प्रत्येक पोस्ट पर meta description अवश्य हो |

12. Image SEO करे

एक Image की ताकत हजार शब्दों के बराबर होती है, “A Picture is Worth a Thousand Words” blogpost और article में image को use करने से google में आपकी ranking improve होती है, कई बातें ऐसी होती हैं जिन्हें शब्दों में समझाना संभव नहीं हो पाता है इसके लिए image का इस्तेमाल करना पड़ता है, इस प्रकार की स्थिति आने पर अगर image का इस्तेमाल न किया जाए तो नुक्सान होने की संभावना है,

 image को SEO करने का यह मतलब है कि image को search engine के अनुकूल बनाना, किसी भी image को download करने के बाद उसे Re – name और Re – size करना आवश्यक है, image ज्यादा बड़ी होने पर इसे load होने में ज्यादा वक़्त लगता है, इसलिए सही साइज़ का चुनाव आवशयक है, image का चुनाव इस प्रकार से होना चाहिए कि देखते ही यह पता लग जाए कि पोस्ट किस चीज से सम्बंधित है, हमेशा copy right free image का ही इस्तेमाल करना चाहिए,

एक अच्छी image आपको traffic भी देती है और ब्लॉग को देखने में सुन्दर भी बनाती है, एक अच्छी image किसी ब्लॉग के traffic को 25 से 30% तक बढाने की क्षमता रखती है |

13. H1 H2 H3… Heading प्रॉपर दे

 H1, H2, H3 को blogpost की दुनिया में header tag कहा जाता है, इन्हें HTML Tags के रूप में भी जाना जाता है, इसके द्वारा हम अपनी पोस्ट को हैडिंग देकर H1, H2, H3, में विभाजित करते हैं यह H1 से लेकर H6 तक होते हैं जिसमें H1 tag सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण होता है तथा H6 tag सबसे छोटा होता है,

इनके प्रयोग से article आकर्षक व सुव्यवस्थित दिखता है,और visitors की संख्या बढ़ती है, इसलिए हमेशा ब्लॉग का structure हमेशा H1,H2,H3 के अनुसार ही क्रम में प्रदर्शित हो |

14. Internal linking प्रॉपर करे

इंटरनल लिंक ऐसे लिंक हैं जो एक ही डोमेन में एक दुसरे पेजों को जोड़ते हैं,यानी कि अगर आप किसी पोस्ट पर कोई link डालते हैं तो वह अन्य पृष्ठ के बारे में सूचित करता है, पाठक की सहायता के लिए आंतरिक रूप से लिंक दिया जाता है, जैसे यदि किसी ब्लॉग में हम किसी उत्पाद की समीक्षा कर रहे हैं तो पाठक की सहायता के लिए उत्पाद पृष्ठ को लिंक करना सहायक रहेगा,

एक ब्लॉग पोस्ट को दुसरे ब्लॉग पोस्ट से link करना एक पाठक द्वारा आपकी साईट पर search किये जाने वाले समय को बढाने का एक अच्छा तरीका है, जितना ज्यादा समय वे वहां बिताएंगे उतने ही अधिक पृष्ठ वे विभिन्न लिंकों के माध्यम से देख पायेंगे, एक internal link  google को आपकी साईट को अधिक क्रोल करने में मदद करता है, इससे आपकी साईट को ज्यादा search traffic मिलता है, Internal Link हमेशा आपके SEO को बढ़ावा देते हैं |

15. External Links प्रॉपर करे

यदि कोई अन्य वेबसाइट आपकी साईट से लिंक करती है तो इसे आपकी साईट का external link माना जाता है, इसी प्रकार यदि आप अपनी साईट को किसी अन्य वेबसाइट से link करते हैं तो भी इसे external link ही कहा जाएगा, external लिंक भी रैंकिंग के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, जब आप अपनी साईट को अन्य साइटों से link करते हैं तो आपके सम्बन्ध बनते हैं और आपकी पहुँच का विस्तार होता है, जिस कारण आपके वेबपेज की लोकप्रियता बढ़ जाती है,

यदि आप किसी ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से किसी अन्य व्यवसाय के लिए external link बनाते हैं तो आप अन्य व्यवसाय तक भी पहुँच बना लेते हैं और यह आपके साईट पर भी back link show करता है, इसलिए आपअपने ग्राहकों को external link से अधिक से अधिक मूल्यवान जानकारी प्रदान करते हैं |

निष्कर्ष

इस प्रकार से SEO किसी वेबसाइट के लिए कितना जरुरी है और इसको बढाने के आसान टिप्स क्या-क्या हैं इसके बारे में हमने सरल और आसान शब्दों द्वारा विस्तृत रूप से समझाने की कोशिश की है |

उम्मीद है आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट के लिए इन 15 seo टिप्स को फॉलो जरुर करेंगे धन्यवाद् |

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