SEO में Silo Structure क्या होता है 2023 | SEO Silo Structure Kya Hota Hai

Seo यानी सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन। यह एक तरीका है जिससे हम अपने ब्लॉग या वेबसाइट को रैंक करा पाते है। इसके अंदर कई तरह के प्रोसेस और तरीके होते है जिसको अपनाकर आप अपने आर्टिकल को अच्छे से रैंक करा पाएंगे। यह आपके वेबसाइट को भी सर्च इंजन पर अच्छे से represent करने में मदद करता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही एक तरीके के बारे में बता रहे है। आज हम SEO में Silo Structure क्या होता है, यह जानेंगे। Silo Structure काफी महत्पूर्ण है, यह आपके ब्लॉग और वेबसाइट के लिए काफी महत्पूर्ण है। तो आईए इसे जानते है। 

SEO में Silo Structure क्या होता है

Silo Structure SEO का ही एक हिस्सा है। आप एक वेबसाइट पर कई सारे आर्टिकल लिख सकते है और उसे पब्लिश कर सकते है। इन सभी आर्टिकल को एक साथ कैटेगरी वाइस रखने को ही Silo Structure कहा जाता है। मान लीजिए आपके वेबसाइट पर बायोग्राफी, एग्जाम और न्यूज से रिलेटेड आर्टिकल्स है जो आपके वेबसाइट पर इधर उधर पड़े हुए है। 

ऐसा होने पर यूजर्स को इसे ढूंढने में काफी परेशानी होंगी। अब मान लीजिए आपने इन सभी के लिए अलग अलग कैटेगरी बनाके इसे एक साथ कर दिया। ऐसी स्तिथि में यूजर्स इसे बड़ी आसानी से एक्सेस कर पाएगा। इतना ही नहीं आपका आर्टिकल भी गूगल पर अच्छे से रैंक हो पाएगा। आईए, अब आपको Silo structure के कुछ प्रमुख फायदे बताते है। इसके बाद हम silo structure बनाना भी सीखेंगे।

Silo Structure के फायदे 

  1. बना सकते है यूजर फ्रेंडली वेबसाइट 

Silo Structure का सबसे बड़ा फायदा यह है की यह आपके वेबसाइट को काफी स्मूथ बना देता है। यूजर्स आपके वेबसाइट को अच्छे से एक्सेस कर पाएंगे। वह आपके वेबसाइट पर उपलब्ध सारे आर्टिकल को अच्छे से नेविगेट कर पाएंगे और एक्सेस भी कर पाएंगे। वह जिस कैटेगरी से जुड़ा आर्टिकल पढ़ना चाहें वह उसमे आसानी से जा पाएंगे। इस प्रकार से silo structure आपके वेबसाइट को यूजर फ्रेंडली बना देता है। यूजर्स आपके वेबसाइट को दुबारा विजिट करेंगे और इससे आपके वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ेगा। 

  1. इंडेक्सिंग एंड क्राउलिंग को मिलती है मदद 

जब आप एक नया आर्टिकल लिखते है और उसे पब्लिश करते है तो गूगल आपके आर्टिकल को crawl करता है। उसके बाद आपका आर्टिकल रैंक होता है। जब आप अपने वेबसाइट पर silo structure बनाके रखते है तो आपके आर्टिकल और वेबसाइट को एक्सेस करना आसान हो जाता है। इस वजह से गूगल  की तरफ से किए जाने वाला इंडेक्सिंग एंड क्राउलिंग काफी जल्दी हो जाता है।  यह आपके वेबसाइट के स्पीड को भी improve कर देता है। 

  1. सुव्यवस्थित बनाता है वेबसाइट को 

अगर आपके वेबसाइट पर ढेर सारे आर्टिकल है तो silo structure काफी उपयोगी हो सकता है। इसके मदद से आप अपने वेबसाइट पर उपलब्ध आर्टिकल को कैटेगरीज वाइस रख पाएंगे। इससे यूजर्स को इन्हे ढूंढने में काफी आसानी होगी और ओवरऑल आपका वेबसाइट भी काफी व्यवस्थित लगेगा। अगर आपके वेबसाइट पर कम आर्टिकल भी है तो भी silo structure बनाना शुरू कर दे और आगे से आर्टिकल को इसके अंदर ही रखे। इससे भविष्य में आपको अलग से मेहनत नही करना होगा। और आपके सारे आर्टिकल सही से व्यवस्थित होंगे। 

Silo Structure कैसे बनाएं (Silo Structure बनाने के तरीके) 

अबतक आप Silo Structure के ढेरो फायदे जान चुके होंगे। आप जान गए होंगे की silo structure क्यों जरूरी है। इसका क्या महत्व है, तो आईए अब आपको इसे बनाना बताते है। इसको कई अलग अलग तरीकों से बनाना जा सकता है। हम आपको कुछ प्रमुख और अच्छे तरीके बताते है। जो कुछ इस प्रकार है:

  1. पिरामिड स्ट्रक्चर (Pyramid structure)

Pyramid structure से मतलब है की हम अपने वेबसाइट पर उपलब्ध कंटेंट को पिरामिड के तरह सजाते हैं।‌ जिसमें ऊपर कैटेगरी होता है और उसके अंदर सब कैटेगरीज बनाकर अलग-अलग आर्टिकल को रखते हैं। मान लीजिए  आपके वेबसाईट पर पढ़ाई और एंटरटेनमेंट के आर्टिकल है।

SEO में Silo Structure क्या होता है 2023 | SEO SILO Structure Kya Hota Hai

तो पढ़ाई कैटेगरी नाम से पेज बना कर उसके अंदर पढ़ाई से रिलेटेड आर्टिकल को रखेंगे। और एंटरटेनमेंट नाम के पेज पर एंटरटेनमेंट से जुड़े आर्टिकल को रखेंगे। और इन दोनो को होम पेज पर रखेंगे। ऐसा करने से हम आसानी से आर्टिकल को व्यवस्थित रख पाएंगे। आप इसके अंदर सब कैटेगरीज भी बना सकते है। यह यूजर्स को आर्टिकल ढूंढने में काफी मददगार साबित होता है। 

  1. इंटरनली लिंकिंग मैथड (internally linking method) 

पिरामिड स्ट्रक्चर बना देने के बाद आप इस मैथड का भी यूज कर सकते है। पिरामिड स्ट्रक्चर बन जाने के बाद आपको पता होगा कि लोग अलग-अलग फोल्डर में जाकर आपके आर्टिकल को पढ़ते हैं। लेकिन इस मैथड को यूज करने से आप यूजर्स को आर्टिकल पढ़ने के दौरान ही अपने अन्य आर्टिकल पर redirect कर सकते हैं। इसे लिंकिंग मैथड भी कहा जाता है और इसे बैक लिंक भी कहा जाता है। इसे बनाने के लिए आपको अपने आर्टिकल में जहा रिलेवेंट लगे वहा अपने अन्य आर्टिकल का लिंक जोड़ दे।  

इसे एक उदाहरण से समझिए। मान लीजिए आपने किसी खिलाड़ी की बायोग्राफी लिखी है और इसमें उसके फेवरेट प्लेयर का नाम आप बता रहे है। तो अगर आपने उस खिलाड़ी के बारे में भी पहले से आर्टिकल लिखा है तो आप इस नाम में उस प्लेयर की बायोग्राफी का लिंक डाल सकते है। इसे ही इंटरनली लिंकिंग मैथड कहा जाता है। यह आपके आर्टिकल को एक दूसरे के साथ जोड़ देता है। और इससे यूजर्स आपके एक आर्टिकल से दूसरे आर्टिकल पर पहुंच जाते है। 

Conclusion :

SEO एक काफी महत्पूर्ण और गहरा विषय है इसमें आपको हमेशा कुछ न कुछ सीखने को मिलता रहता है। आज हमने इसी के अंतर्गत आने वाले silo structure के बारे में जाना। हमने SEO में Silo Structure kya होता है, यह जाना। 

हमने इसके फायदे के साथ साथ इसको बनाना भी सीखा। उम्मीद है यह आर्टिकल आपके लिए यूजफुल रहा होगा। आप अपने विचार हमे कॉमेंट करके बता सकते है। किसी भी तरह की समस्या होने पर आप हमे बता सकते है। हम आपकी सहायता करने की पूरी कोशिस करेंगे। मिलते है फिर एक और आर्टिकल के साथ, तब तक आप हमारे वेबसाइट के अन्य आर्टिकल को पढ़े और हमसे जुड़े रहे। 

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