On Page SEO क्या हैं और कैसे करे [20 Techniques in Hindi] 2023 | What is On Page is SEO in Hindi

अगर आप ब्लॉगिंग की फील्ड में पुराने है तो आपको तो मालूम ही होगा कि यह On Page SEO क्या हैं और कैसे करे [20 Techniques in Hindi]? SEO को अधिकतर लोग वो तकनीक मानते है जिससे लोग अपनी साइट को गूगल के फर्स्ट पेज पर रैंक करवा पाने में सक्षम हो जाते है। क्या आप भी अपने ब्लॉग साइट के ट्रैफिक को बढ़ाने के बारे में सोच रहे है तो On Page SEO आपके लिए सहायक साबित हो सकता हैं। अगर आप On Page SEO का ठीक ढंग से इस्तेमाल करते है तो आप अपने पोस्ट को गूगल पर रैंक करवा पाने में सक्षम हो जाते है।

वैसे देखा जाए तो पिछले कुछ समय से On Page SEO के तकनीक समय समय पर बदलते रहते है जिसके चलते अलग आप ब्लॉगिंग के फील्ड में पुराने भी है तो आपको समय के साथ बदलना होता है। Google समय समय पर SEO के एल्गोर्थिक भी बदलता रहता है जिससे लोगो को बेस्ट से बेस्ट रिजल्ट गूगल के पहले पेज पर मिल सके। अगर आप भी इस On Page SEO के बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो आपको यह आर्टिकल अंत तक पढ़ना चाहिए तो चलिए शुरू करते हैं।i

On Page SEO क्या है

On Page SEO बताने से पहले हम आपको SEO क्या है और SEO के प्रकार के द्वारा On Page SEO के बारे में बताने का प्रयास करेंगे तो चलिए शुरू करते हैं।

SEO को हम लोग Search Engine Optimization के नाम से भी जानते है। ब्लॉगर और वेबसाइट ऑनर अपने पेज पर SEO का इस्तेमाल करके गूगल पर अपने द्वारा पब्लिश किए गए कंटेंट को गूगल के पहले पेज पर रैंक करवा पाने में सक्षम हो जाते हैं जिससे आपके ब्लॉग पोस्ट पर ट्रैफिक काफी अधिक आने लगता है।

SEO की बात करे तो उससे हम दो प्रकार में बांट सकते है, जिसके बारे में हमने नीचे बताया हुआ है।

  • Off Page SEO

Off Page SEO की बात करे तो वो चीजे होती है जो आप अपने वेबसाइट के बाहर कर सकते है। वो सभी चीजे जो आपके वेबसाइट पर मौजूद ब्लॉग पोस्ट की रैंकिंग को बढ़ाने में सहायक होते है वो सभी चीजे Off Page SEO में आते है।

  • On Page SEO

On Page SEO की बात करे तो वो चीजे होती है जो आप अपनी वेबसाइट के अंदर करते है। जो आपकी वेबसाइट पर मौजूद ब्लॉग पोस्ट की रैंकिंग को अच्छा करने में सहायक भी सिद्ध होते है।

On Page SEO क्या हैं और कैसे करे [20 Techniques in Hindi] 2023 | What is On Page is SEO in Hindi

On Page SEO कैसे करे [20 Techniques in Hindi]

अगर आप भी On Page SEO कैसे करते है उसके बारे में विस्तार से जानना चाहते है। हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से वो 20 तकनीक बताएंगे जिसके द्वारा आप On Page SEO करके अपने ब्लॉग पोस्ट की रैंकिंग को बढ़ा सकते हैं। तो आपको यह आर्टिकल अंत तक पढ़ना चाहिए तो चलिए शुरू करते हैं।

1. Title Tags

Title Tags को सरल भाषा में बताए तो HTML Elements भी कहते है। जिसका इस्तेमाल कोई भी ब्लॉगर या कोई भी विजिटर आपके वेबपेज का नाम देखने के लिए करते हैं।

एक अच्छे On Page SEO करने के लिए आपका Title Tags Unique और descriptive होना चाहिए। आपको अपने वेबपेज के बारे में इंट्रो में सब कुछ लिखना चाहिए कि यह वेबपेज किस लिए है और आपको कीवर्ड को ऑप्टिमाइज भी करना चाहिए। वो डिस्क्रिप्शन 60 वर्ड्स से बढ़ा भी नही होना चाहिए। आपको On Page SEO करते समय इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

2. Headings

Headings वो title होते है जो आप अपने ब्लॉग पोस्ट के मुख्य कीवर्ड को या फिर ब्लॉग पोस्ट के टॉपिक को देते हैं। ज्यादतर समय आपको इस Headings को H1 की फॉर्मेट में भी डालना चाहिए। Headings में आपको केवल relevant वर्ड्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। Headings में आपको केवल Descriptive words का इस्तेमाल करके अपना पूरा Headinhgs लिखना चाहिए।

आपको अपने ब्लॉग पोस्ट के सबटाइटल को H2 से H6 के फॉर्मेट में डालना चाहिए। आपको इस बात का भी काफी ध्यान रखना होगा कि किसी एक प्रकार का ही हेडिंग पूरे ब्लॉग पोस्ट में बार बार न आता हो।

3. URL Structure

On Page SEO में URL Structure का महत्व काफी बढ़ जाता हैं। जब भी कोई भी सर्च इंजन यह प्राप्त करना चाहता है कि एक वेबपेज कितनी ज्यादा रिलेवेंट है किसी प्रकार के समस्या को सॉल्व करने में। URL Structure की बात करे तो यह थोड़ा descriptive होना चाहिए और आपको अपने URL को अपने अनुरूप optimize करना चाहिए। अगर आप ऐसा कर पाने में सक्षम होते है तो यह आपके On Page SEO के लिए बेहतर है।

4. Alt Text

Alt Text को alternative text के नाम से जाना जाता है। alternative text search engine को अधिक जानकारी प्रदान करता है। वैसे Alt Text का इस्तेमाल आप किसी भी चीज को डिस्क्राइब करने के लिए कर सकते है। मान लीजिए आप एक इमेज को डिस्क्राइब करने के लिए Alt Text का इस्तेमाल कर रहे है ऐसे में अगर किसी विजिटर का डाटा इतना तेज नही हैं तो उन्हें Alt Text शो होता है जो उन्हे इमेज को समझने में मदद करता है।

Alt Text डालते समय आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो Alt Text specific और Descriptive हो। Alt text का डिस्क्रिप्शन 125 वर्ड्स से अधिक नही होना चाहिए।

5. Page load Speed

Page load Speed एक important चीज है जो आपके On Page SEO को अच्छे से बुरे में तब्दील कर सकता हैं। अगर आपके वेबसाइट की Page load Speed काफी स्लो होती है तो आपके वेबसाइट का बाउंस रेट काफ़ी अधिक होता है।

क्योंकि अगर आपके पेज की लोडिंग स्पीड कम होगी तो आपके वेब पेज पर मौजूद कंटेंट जल्दी खुल कर लोगो के सामने आएगा वही अगर Page load Speed कम होगी तो विजिटर आपकी वेबसाइट पर से किसी और वेबसाइट पर जाने लगेंगे। जिसके चलते आपके वेबसाइट का बाउंस रेट काफ़ी बढ़ जाएगा। On Page SEO के लिए यह एक important factor साबित होता है।

6. Backlinks

Internal links और External links  किसी भी विजिटर को आपके वेबसाइट के अंदर नेविगेट करने में सहायक माना जाता हैं। Internal links की बात करे तो यह आपके साइट पर पोस्ट को इंडेक्स होने में और ब्लॉग पोस्ट को अच्छी रैंक हासिल करवाने में कारगर साबित होता है। आपकों बेहतर On Page SEO करने के लिए अपने वेबसाइट के सभी पेज पर उस कैटेगरी से जुड़ा हुआ लिंक ज़रूर जोड़ना चाहिए। इससे आपके वेबपेज का on site SEO भी बेहतर होता है।

7. Meta Description

Meta Description छोटे ही होने चाहिए। लेकिन अगर अगर descriptions जो आपके title Tags को expand करते है। यह पेज ke content को summarize भी करते है। साथ ही इसके द्वारा ही आप यूजर को यह बताने में सक्षम हो पाते है कि किसी भी विजिटर को यह क्यों पढ़ना चाहिए। आपको अपने Meta Description को 160 character से बड़ा नही करना चाहिए। अगर आप इन सब बातो का ध्यान Meta Description के सेक्शन में रखेंगे तो आपको आगे चल चल फायदा प्राप्त होगा।

8. Responsiveness

Responsiveness एक प्रकार का डिजाइन एलिमेंट होता है जो यह देखता है कि आपका ब्लॉग पोस्ट किसी डिवाइस पर किस प्रकार से दिखेगा। यह एक important techniques है जो आपके On Page SEO के लिए बेहद जरूरी है। इसके बारे में हम आर्टिकल के निचले सेक्शन में भी विस्तार से बताएंगे।

9. Keywords

Keywords किसी भी प्रकार के SEO के लिए सबसे अहम तकनीक है। आपको Keywords का इस्तेमाल Research करके ही करना चाहिए। आपको कीवर्ड ko ध्यान से सिलेक्ट करना चाहिए और आपको अपने कंटेंट को natural रखने का प्रयास करना चाहिए। अगर आप अपने ब्लॉग पोस्ट को नेचुरल रखते है तो आपके ब्लॉग पोस्ट में से Stuffing की समस्या खत्म हो जाती है।

10. Crawling Checkup

Crawling Checkup में किसी भी सर्च इंजन के bots आपके वेबसाइट को विजिट करते है। इस Crawling के द्वारा ही सर्च इंजन को मालूम चलता है कि आपके वेबसाइट में क्या कंटेंट और किस विषय पर है। Search engine crawling ke बाद ही यह निश्चित कर पाता है कि आपकी वेबसाइट कितनी अच्छी है और किनको आपकी वेबसाइट रिकमेंड करनी चाहिए और किनको नहीं। Crawling की बात करे तो यह किसी भी प्रकार के SEO का सबसे पहला स्टेप है।

अगर आपकी वेबसाइट ठीक से Crawl नही होती है तो आपकी वेबसाइट के ब्लॉग पोस्ट ठीक से इंडेक्स नही होंगे। अगर आपके वेबसाइट का दिया हुआ ब्लॉग पोस्ट ठीक से इंडेक्स नही होता है तो वो आपको वेंसोट का ऊपर रैंक होना भी बेहद मुश्किल है। आप यह जान सकते है कि आपकी वेबसाइट ठीक से crawl हो रही है या नही उसके लिए आप गूगल पर जाकर चेक टेक्स्ट फाइल में कनवर्ट करके देख सकते है।

11. Indexing Checkup

Search engine किसी भी पेज को crawl करने के बाद ब्लॉग पोस्ट को index करता हैं। आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके वेबसाइट के सभी पोस्ट ठीक ढंग से इंडेक्स हो पा रहे है या नही। आपको एक बात बता दे कि कोई भी सर्च इंजन वेबसाइट के सभी वेबपेज को कभी भी इंडेक्स नही करता है

इसलिए आपको on Page SEO को बेहतर करने के लिए अपने वेबसाइट के अधिक से अधिक पेज को index कराने के बारे में सोचना होगा। आप ऑनलाइन Indexing tool के द्वारा यह चेक कर सकते है कि आपके कौन से पेज index हुए है और कौन से नही।

12. Sitemap Check up

अगर आपके किसी वेबपेज को किसी भी अन्य वेबसाइट के एक्सटर्नल लिंक या फिर अपने ही ब्लॉग पोस्ट के किसी पोस्ट से इंटरनल लिंक नही मिली है तो ऐसे ऐसे उस वेबपेज को मुख्य तौर पर SiteMaps में भी जगह नहीं मिलती है। तो ऐसे में न ही वो पेज crawl होगा नही वो पेज index होगा।

आपको सर्च कंसोल में जाकर समय समय पर देखना चाहिए कि आपके वेबपेज का Sitemaps बना भी है या नही। और बना भी है तो वो Access हो रहा है या नहीं। अगर ऐसा नही है तो आपको इसमें सुधार करना चाहिए क्योंकि यह आपके On Page SEO के लिए बेहद जरूरी चीज है। आपको यह भी देखना होगा कि Site maps में आपके वेबसाइट के सभी पेज के लिंक मौजूद है या नहीं।

13. Mobile Friendliness Test

यह Mobile Friendliness Test यह एक मैंडेटरी टेस्ट है। सर्च इंजन भी आज के समय में मोबाइल के द्वारा ही आपके वेबपेज को crawl करता हैं। इसलिए आपको अपने वेबपेज को Mobile Friendliness Test से गुजारना चाहिए और देखना चाहिए कि वो कैसा दिख रहा है?, डिजाइन कैसे है? , टैक्स्ट फॉर्मेट क्या है?

आपको इस Mobile Friendliness Test  के द्वारा यह सब जानने का मौका मिल जाता हैं। शायद आपको यह बात मालूम नही होगी कि गूगल सर्च इंजन केवल उन्हे वेबपेज को index करता है तो mobile Friendliness Test में पास हो जाते है।

14. Canonical Checkup

Canonical check up सर्च इंजन को यह बताने का सहायक होते है कि आप जो एक ही टेस्ट दो अलग अलग पोस्ट में देख रहे है उसमे से कौन सा पोस्ट जेनुइन है और सर्च इंजन को कौन से पोस्ट को रैंक करवाना चाहिए और किसको नहीं। इसलिए अगर आप On Page SEO के बारे में जानना चाह रहे है तो आपको इस Canonical Check up से भी गुजरना चाहिए।

15. MetaData Checkup

Metadata Check Up की बात करे तो यह Text की फॉर्म में header section में जोड़े जाते हैं। यह Metadata Check up search engine को कई जानकारी प्रदान करते है जैसे Meta Title, Meta Description, Meta Robots Tag, OG Tags और Twitter Cards। Yeh सभी चीजे Metadata Check Up द्वारा सर्च इंजन को पता चलता हैं। इसलिए आपको इस Check Up को चेक करने के लिए ऑनलाइन टूल का इस्तेमाल कर सकते है और अपने On Page SEO को बेहतर कर सकते है।

16. Content

On Page SEO का सबसे महत्व पूर्ण चीज है उस पेज का कंटेंट। आपको अपने कंटेंट पर सबसे अधिक जोर देने की जरूरत हैं अगर आप अपने On Page SEO को ठीक करके पेज को गूगल के पहले पन्ने पर रैंक करवाना चाहते है। आपको अपने कंटेंट में spelling और grammatical mistakes नही करना चाहिए। इसलिए अगर आपको अपने द्वारा लिखे हुए वेब पोस्ट को रैंक करवाना है तो अच्छी vocabulary का इस्तेमाल करके अपने कंटेंट को लिखना चाहिए। इसलिए आपको On Page SEO के लिए अच्छे कंटेंट का इस्तेमाल करना चाहिए।

17. Internal Linking

आप अपने साइट पर अच्छे से On Page SEO करने के लिए लिए Internal Linking का भी इस्तेमाल कर सकते है क्योंकि जब आप अपनी ब्लॉग पोस्ट में अपनी ही अन्य किसी ब्लॉग पोस्ट की लिंक को डालते है तो उसे ही Internal Linking कहते हैं। ऐसे में यूजर आपके एक पोस्ट को पढ़ते पढ़ते अन्य पोस्ट पर भी चला जाता है जिससे आपके वेबसाइट का ट्रैफिक बढ़ता है और आपके सबसे महत्वपूर्ण चीज ट्रैफिक ही है।

Internal Linking ना केवल ट्रैफिक बढ़ाने में सहायक होता है साथ ही साथ यह आपके ब्लॉग पोस्ट के बाउंस रेट को भी कम करने में सहायक सिद्ध होता हैं। internal links को डालते समय आपको यह बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप बार न same ही लिंक को अन्य पेज पर बार बार तो अटैच नही कर रहे है। आपको अपने anchor text को रिलेवेंट रखना चाहिए और links ko naturally ही प्लेस करना चाहिए जिससे stuffing की समस्या न हो।

18. Schema Data

Schema का आपके पोस्ट और वेबसाइट के On Page SEO के अच्छे या बुरे होने पर काफी असर होता हैं क्योंकि जैसे हम सभी जानते ही है कि गूगल एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तौर पर ही काम करता है। तो उनको जो भी आर्टिकल या पोस्ट हम लिखते है वो उसे ऐसे ही एक्सेप्ट नही करते है। उनको वो पोस्ट टेक्स्ट फॉर्म में और बहुत सारे लिंक के साथ नजर आती है।

इसलिए जब आप Schema का इस्तेमाल करते है तो यह आपके साइट को लोगो के भीड़ से अलग करता है और अगर आप ठीक ढंग से Schema का इस्तेमाल करते है तो यह आपके साइट को ब्लॉग पोस्ट को रैंक होने में भी सहायक सिद्ध होता है। अच्छे तरह से Schema का इस्तेमाल करके आप On Page SEO को ठीक कर सकते हैं।

19. SSL का प्रयोग करे

अगर आपको अपने वेबसाइट पर लिखी हुई वेब पोस्ट को On Page SEO करवाना है तो आपको इस बात पर ध्यान देना होगा कि आपकी वेबसाइट का SSL एक्टिव है या नही। अगर आपकी वेबसाइट का SSL एक्टिव होता है इससे यह माना जाता है कि आपकी वेबसाइट सिक्योर है और जब भी कोई भी व्यक्ति आपकी वेबसाइट खोलता होता है तो आपके डोमेन नाम से पहले सर्च बारे में https का इस्तेमाल होता है और साथ ही साथ लॉक का निशान भी बना होता है

इससे गूगल को यह मालूम चलता है कि आपकी वेबसाइट सिक्योर है। वही अगर आपकी वेबसाइट SSL एक्टिव नही होती है तो आपके वेबसाइट के डोमेन नाम के आगे सिक्योर का आइकन नही बना होता है जिसके बाद चाहे आप अपनी वेबसाइट पर कितना भी अच्छा काम कर ले आपकी वेबसाइट के रैंक होने के चांसेस काफी कम हो जाते है। इसलिए अगर आपको On Page SEO को बेहतर करना है तो आपको SSL का प्रयोग करना चाहिए।

20. Broken Link ठीक करे

आप अपनी वेबसाइट पर से कोई भी वेबपेज को डिलीट करते है तो कभी कभी ऐसा होता है कि वो वेबपेज आपके वेबसाइट से तो डिलीट हो जाता है लेकिन गूगल की डेटाबेस में वो वेबपेज आपके वेबसाइट के डाटा के साथ सेव ही रहता है इससे होता यह है कि अगर कोई व्यक्ति आपके वेबसाइट के उस वेबपेज के url पर चला जाए जो अपने अपनी वेबसाइट से डिलीट किया है तो यूजर को error 404 का नोटिफिकेशन दिखाई देता।

इससे होता यह है कि गूगल के सामने आपके वेबसाइट का नेगेटिव इंपैक्ट बन जाता है जिसके चलते वो अपने ब्लॉग पोस्ट रैंक करने से कतराता हैं इसलिए हम आपको यह सुझाव देंगे कि आप अपनी वेबसाइट के ऐसे url को अन्य किसी एक्टिव url के साथ डायरेक्ट लेना चाहिए जिससे वेबसाइट पर नेगेटिव इंपैक्ट नही पड़ता है जो आपके On Page SEO के तौर पर काफी अच्छी बात है।

निष्कर्ष

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको On Page SEO aur उससे संबंधित तकनीक के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर ऐसा है तो आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तो के साथ शेयर कर सकते हैं। वही अगर आपके मन में किसी भी प्रकार का कोई सवाल आता है तो आप हमसे नीचे दिए गए कॉमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं।

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