Google Eat Algorithm क्या है | कैसे काम करता है और SEO के लिए क्यों जरूरी है 2023

गूगल समय समय पर नए नए प्रकार के एल्गोरिथम अपने सिस्टम पर रन करता रहता है। जिससे गूगल के यूजर का यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होता रहे। जिससे लोगो को बेहतर जानकारी ही गूगल से प्राप्त हो पाए। अगर आप किसी वेबसाइट के लिए लिखते है या फिर आप भी किसी वेबसाइट के ऑनर है तो आपको गूगल के अपडेटेड एल्गोरिथम के बारे में विस्तार से पता होना बेहद जरूरी है।

अगर आप भी गूगल के द्वारा अपडेटेड एल्गोरिथम के बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो आपको यह आर्टिकल अंत तक पढ़ना चाहिए क्योंकि इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको Google Eat Algorithm के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास करेंगे। तो चलिए अब बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।

Google Eat Algorithm क्या है

Google Eat Algorithm गूगल द्वारा कुछ ही समय पहले शुरू किया गया अपडेटेड एल्गोरिथम है। इस Google Eat Algorithm के द्वारा गूगल अपने यूजर को ऑथेंटिक जानकारी ही देना चाहता है। Google Eat Algorithm के बारे में बात करे तो गूगल ने इस एल्गोरिथम के जरिए आपके वेबसाइट को स्कोर प्रदान करती हैं।

अगर आप किसी वेबसाइट के ऑनर है और आपके वेबसाइट का मान लीजिए कि Google Eat Algorithm स्कोर काफी अच्छा है तो आप जिस भी टॉपिक पर अपना आर्टिकल पब्लिश करेंगे उसके काफी हद तक ज्यादा चांसेस है कि आपका पोस्ट गूगल पर रैंक हो सके। अगर आपके वेबसाइट के Google Eat Algorithm स्कोर काफी कम है तो आपके पोस्ट का गूगल पर रैंक होना के चांसेस काफी कम हो जाते है। अगर आप भी जानना चाहते है कि Google Eat Algorithm कैसे काम करता है तो आपको यह आर्टिकल का निचला हिस्सा जरूर पढ़ना चाहिए।

Google Eat Algorithm कैसे काम करता है?

Google Eat Algorithm की बात करे तो जैसे कि यह एल्गोरिथम के नाम से लगता है कि इसमें गूगल आपके पोस्ट और साइट को स्कैन करता है और उसके बाद आपके साइट पर से बेकार की चीजे Eat कर लेता होगा लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है।

Google Eat Algorithm की बात करे तो इस एल्गोरिथम के द्वारा गूगल आपके वेबसाइट के कंटेंट को तीन फैक्टर पर एनालाइज करता है अगर आपका स्कोर इन तीन फैक्टर पर एनालाइज करके अच्छा रहता है तो आपकी साइट गूगल पर रैंक करती है वही अगर आपकी वेबसाइट का कंटेंट इन उन तीन फैक्टर पर एनालाइज करने के बाद बुरा होता है तो आपका पोस्ट गूगल पर रैंक नही करता हैं।

वो तीन फैक्टर जिसके बारे में हम ऊपर चर्चा कर रहे है वो तीन फैक्टर होते है,

E – Expertise

A –  Authoritativeness

T – Trustworthiness

E – Expertise

Google Eat Algorithm में E की बात करे तो यह expertise होता है। Expertise की बात करे तो यह वो फैक्टर है जिसके द्वारा आप अपने साइट पर अगर किसी भी विषय पर कोई पोस्ट लिखते है तो अगर वो आपके साइट पर उस विषय के जानकार या एक्सपर्ट ने लिखी हुई होती है तो आपके साइट के पोस्ट के कंटेंट को अधिक योग्य माना जाता है।

उदहारण के तौर पर अगर आपने कोई स्पोर्ट्स कोचिंग टिप्स प्रदान की है तो वो पोस्ट अगर किसी खेल के  एक्सपर्ट के द्वारा लिखी गई होगी तो आपके पोस्ट के रैंक होने चांसेस काफी हद तक बढ़ जाएंगे। अब आपके मन में यह सवाल आता होगा कि गूगल को कैसे मालूम चलेगा कि यह पोस्ट एक्सपर्ट के लिखा है या नही तो इसका जवाब यह है कि जब आप अपने ब्लॉग पोस्ट पर कोई कंटेंट डालते है तो वह ऑथर का विकल्प भी दिखाई देता है जहा पर आपको उस पोस्ट के ऑथर से जुड़ी जानकारी लिखनी होगी जिससे गूगल को मालूम चल जाएगा कि आपकी पोस्ट किसके द्वारा लिखी गई है।

A –  Authoritativeness

Authoritativeness की बात करे तो यह दूसरा फैक्टर है जिस पर Google Eat Algorithm कार्य करता है। Authoritativeness की बात करे तो आपको इसके नाम से ही मालूम चल जाएगा कि आपने जो पोस्ट लिखी है उसके कंटेंट की अथॉरिटी कहा से प्राप्त की है या किसके गाइडेंस में लिखी है।

उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी मेडिकल से जुड़ी पोस्ट लिखी है तो आपको वो पोस्ट किसी डॉक्टर या मेडिकल एक्सपर्ट के गाइडेंस में लिखनी चाहिए और इसके बारे में अपने पोस्ट पर जरूर मेंशन करना चाहिए। अगर आप ऐसा करने में सक्षम होते है तो आपके साइट का  Authoritativeness काफी हद तक बढ़ जाता है और गूगल आपके पोस्ट के कंटेंट पर ट्रस्ट भी करने लगता है।

T – Trustworthiness

Trustworthiness वो तीसरा फैक्टर है जिस पर Google Eat Algorithm कार्य करता है। Trustworthiness से गूगल का मतलब यह होता है कि आपके साइट पर जो भी कंटेंट है किस हद तक सही है या सच्चा है। आप जो अपने साइट पर कंटेंट डाल रहे है वो वास्तविक में ऐसा ही है या आप अपने फायदे के ऐसा कर रहे है।

गूगल आपके साइट के Trustworthiness फैक्टर को खुद एनालाइज करता है जिसके बाद ही गूगल आपके फाइनल Google Eat Algorithm स्कोर को तय करता है। Google Eat Algorithm स्कोर के अंदर Trustworthiness का सबसे बड़ा हिस्सा होता है अगर आपके साइट का Trustworthiness स्कोर बेहतर है चाहे फिर आपके साइट का expertise और Authoritativeness कम भी हो तो काम चल जाता है।

जब आपके यह तीनों फैक्टर को मिलाकर जो Google Eat Algorithm स्कोर  बनता है उस पर आपके साइट के पोस्ट के रैंक होना निर्भर करता है अगर आपके साइट के Google Eat Algorithm स्कोर अच्छा है तो आपका साइट रैंक होने के चांसेस काफी ज्यादा होते है वही अगर आपका Google Eat Algorithm स्कोर अच्छा नही है तो कम उम्मीद है कि आपकी पोस्ट गूगल पर रैंक हो।

Google Eat Algorithm SEO के लिए क्यों जरूरी है?

जब भी गूगल कोई नया एल्गोर्थिम लेकर आता है तो उसका असर SEO पर तो जरूर पड़ता है। अगर आपका Google Eat Algorithm स्कोर अच्छा होता है आपके पोस्ट खुद रैंक होने लगती है और आपको फिर SEO पर अधिक ध्यान देने की जरूरत भी नहीं होती है क्योंकि जैसे हमने आपको आर्टिकल के ऊपरी सेक्शन में बताया कि गूगल आज कल authentic knowledge पर ज्यादा काम कर रहा है

अगर आपके साइट के कंटेंट में ऑथेंटिक जानकारी है तो आपको SEO के बारे में सोचने की अधिक जरूरत नही है। वही अगर आपके साइट का Google Eat Algorithm स्कोर काफी कम होता है तो आपके साइट पर आपको SEO करने की काफी जरूरत होती है। SEO करने में आपको मैन कीवर्ड को ध्यान में रख कर आर्टिकल को स्ट्रक्चर करना होता है साथ ही सब कीवर्ड को भी समय समय पर यूज करना होता है।

Google Eat Algorithm में YMYL का क्या मतलब है?

Google Eat Algorithm में YMYL का मतलब होता है कि जब आपकी साइट पैसे और किसी व्यक्ति के लाइफ से जुड़ी होती है आपकी वेबसाइट YMYL के कैटेगरी में आती है।

YMYL की कैटेगरी में विभूक प्रकार की वेबसाइट आती है जिसमे से कुछ के बारे में हमने नीचे बताया हुआ है,

  • E commerce website

अगर आप जो वेबसाइट ऑपरेट करते है वो एक ईकॉमर्स वेबसाइट है तो आपकी साइट इस YMYL के कैटेगरी में जरूर आती है। आपको अपनी वेबसाइट की security और डाटा की जानकारी किसी अन्य थर्ड पार्टी के साथ शेयर करने से बचना चाहिए अन्यथा आपकी Google Eat Algorithm का स्कोर काफी हद तक कम हो जाता है।

  • Finance Related Website

अगर आप जो वेबसाइट ऑपरेट करते है वो एक फाइनेंस रिलेटेड कंटेंट पोस्ट करती है तो आपको इस बात का ध्यान देना चाहिए कि आप जो भी सजेशन या एडवाइव अपनी पोस्ट के द्वारा लोगो तक पहुंचा रहे है वो गूगल के Eat Algorithm पर पूरी तरह फिट बैठना चाहिए मतलब आपके साइट के कंटेंट है वो ऑथराइज होना चाहिए, एक्सपर्टाइज द्वारा लिखा हुआ होना चाहिए साथ ही साथ गूगल पर आपकी साइट की ट्रस्ट रैंक भी अच्छी होनी चाहिए उसके बाद ही आपकी वेबसाइट गूगल पर रैंक होने योग्य बन सकती है।

Google Eat Algorithm क्या सभी वेबसाइट के लिए मान्य होगा?

Google Eat Algorithm मुख्य तौर पर उन वेबसाइट पर मुख्य तौर पर मान्य होगा जिन साइट का पोस्ट लोगो की हेल्थ, लाइफ में पैसा, ब्यूटी टिप्स से जुड़ा हो तो मुख्य तौर पर गूगल का Google Eat Algorithm उन साइट पर अधिक मान्य होगा। साथ ही साथ अगर आपकी वेबसाइट फाइनेस से जुड़े मुद्दे पर कंटेंट पोस्ट करती है तो आपके साइट को इस YMYL के फैक्टर का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

गूगल इस Google Eat Algorithm और YMYL जैसे फैक्टर को अपने सिस्टम में केवल इसलिए इंस्टाल कर रहा है जिससे लोगो को गूगल पर कोई भी चीज सर्च करने पर केवल सही जानकारी प्रदान हो। गूगल केवल यह सब अपने यूजर का एक्सपीरियंस बेहतर करने के लिए कर रहा है।

निष्कर्ष

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको Google Eat Algorithm से जुड़े चीजों के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास किया है उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर ऐसा है तो आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तो के साथ शेयर कर सकते है वही अगर आप इस आर्टिकल से जुड़ा कोई और सवाल पूछना चाहते है आप नीचे दिए गए कॉमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं।

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