Bounce Rate क्या है। Bounce Rate कम करने के 10 Tips कौनसे है 2023

अगर आप अपना खुद का ब्लॉग चला रहे है तो आपको बाउंस रेट के बारे में थोड़ा बहुत तो जरूर ही पता होगा। अगर आपको बाउंस रेट के बारे में पता है तो यह काफी अच्छी बात है क्योंकि बाउंस रेट आपके साइट के परफॉर्मेंस के लिए एक सबसे अहम फैक्टर के तौर पर काम करता है।

अगर आपको अभी बाउंस रेट के बारे इतनी जानकारी नहीं है तो घबराने की कोई बात नही है क्योंकि इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बाउंस रेट क्या है? यह किन किन चीजों पर निर्भर करता है साथ ही साथ हम लोग अपनी साइट से बाउंस रेट को कैसे कम कर सकते है उसके बारे में बताने का प्रयास करेंगे तो चलिए अब बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।

Bounce Rate क्या है

Bounce Rate क्या है : बाउंस रेट आपके वेबसाइट या ब्लॉग के उस फैक्टर को कहते है जब कोई व्यक्ति आपके साइट पर विजिट करता है तो कितना समय आपके साइट पर रहता है और आम तौर पर लोग आपकी साइट के कंटेंट को पढ़े ही बिना दूसरे जगह चले जाते है इसी चीज को बाउंस रेट कहते है। 

अगर लोग काफी हद तक अपने साइट के कंटेंट को पढ़ते है तो यह अपने साइट के लिए अच्छी चीज है क्योंकि गूगल यह भी एनालाइज करता है इसलिए अगर आपके साइट का बाउंस रेट कम है तो यह काफी अच्छी बात है यह आपके साइट की अथॉरिटी को भी बढ़ाता है।

वही अगर लोग आपके साइट पर आते ही दूसरे साइट या किसी और जगह चले जाते है तो यह आपके ब्लॉग साइट या वेबसाइट के बिलकुल भी अच्छी चीज नही है क्योंकि बाउंस रेट जितना ज्यादा होगा गूगल को पता चल जाएगा कि आपके कंटेंट में लोगो को कोई इंटरेस्ट नहीं है और लोग अपने साइट को पसंद नही करते है इसलिए आप अपने बाउंस रेट को समय समय पर चेक कर लेना चाहिए जो आपके साइट के परफॉर्मेंस को भी नियंत्रित करता है।

बाउंस रेट किन किन चीजों की वजह से ज्यादा होता है?

बाउंस रेट ऐसे तो काफी सारे चीजों पर निर्भर करता है लेकिन आर्टिकल के इस सेक्शन में हम आपको कुछ ऐसे फैक्टर के बारे में बताएंगे जिसके द्वारा आपके ब्लॉग साइट का बाउंस रेट काफ़ी हद तक बढ़ जाता है तो चलिए शुरू करते हैं,

लोडिंग टाइम का ज्यादा होना 

कभी कभी आपके ब्लॉग साइट का लोडिंग टाइम काफी ज्यादा होता है जो अपने ब्लॉग साइट के विजिटर के लिए काफ़ी फ्रस्ट्रेटिंग हो सकता है जिसके चलते भी लोग आपके साइट के कंटेंट को पढ़े ही बिना दूसरे साइट या कही और बाउंस कर सकते है, इसको कम करने के लिए आपको अपने ब्लॉग साइट पर कम से कम सब डोमेन का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि जब आप काफी सारे सब डोमेन का इस्तेमाल करते है तो यह आपके साइट की लोडिंग टाइम को काफी हद तक बढ़ा देता है।

नई साइट का होना 

जब आपकी साइट नई होती है तो उस समय आपके साइट पर इतने ब्लॉग नही लिखे हुए होते है जिसके चलते अलग यूजर आपके साइट पर आ भी जाते है तो आपके साइट पर दी गई जानकारी पर इतना विश्वास नहीं करते है जिसके चलते लोग काफी जल्दी ही आपके साइट से बाउंस करके दुसरे साइट पर पहुंच जाते है। इसलिए जब भी आप कोई नई वेबसाइट बना रहे है तो आपको बल्क में कंटेंट अपने साइट पर डालना चाहिए जिससे लोगो को लगे कि आपकी साइट पुरानी है और लोग आपके साइट पर दी गई जानकारी पर विश्वास कर पाए और जिससे आपके साइट का बाउंस रेट भी कम हो जाए।

खराब कंटेंट न हो

अगर आपके साइट पर कंटेंट की क्वालिटी अच्छी नही होती तो लोग आपके साइट आते तो जरूर है लेकिन कंटेंट में कुछ भी न पाकर लोग आपके साइट से दूसरे साइट पर चले जाते है जिससे आपके साइट की बाउंस रेट काफ़ी हद तक बढ़ जाती है इसलिए आपको अपने साइट पर कंटेंट की क्वालिटी पर भी ध्यान देना होगा तभी आपके साइट का बाउंस रेट सुधरेगा।

कंटेंट यूजर फ्रेंडली न होना 

अगर आपके साइट का कंटेंट तो अच्छा है लेकिन अगर आपके साइट पर जिस भाषा में कंटेंट लिखा गया है अगर वो यूजर फ्रेंडली नही है तो लोग आपके साइट के पोस्ट पर जाते तो है लेकिन उनको पोस्ट पर जो भाषा लिखी हुई है वो अगर यूजर फ्रेंडली नही होती है तो लोग आपके साइट पर से बाउंस करके दुसरे ही साइट पर चले जाते है इस वजह से हम आपको बता रहे है कि आपको अपने पोस्ट के कंटेंट में यूजर फ्रेंडली भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे लोग आपके द्वार प्रदान की जाने वाली जानकारी को अच्छे से समझ सके। और जिससे आपके साइट का बाउंस रेट भी कम हो जाए।

साइट का डिजाइन अच्छा नही होना 

जैसे आपको भी पता है कि लोग कभी भी अच्छे डिजाइन से लिखा हुआ कंटेंट या वेबसाइट पर ज्यादा भरोसा करते है क्योंकि उनको लगता है कि इन वेबसाइट या ब्लॉग साइट पर प्रदान की गई जानकारी ही सच है बल्कि जिन ब्लॉग साइट पर डिजाइन अच्छा नही होता वो ऐसे ही बनाई गई है उनका मोटिव केवल पैसे कमाने का है जिसके चलते लोग उन वेबसाइट पर जाना पसंद नही करते जहा का डिजाइन अच्छा न हो।

अगर गलती से वो लोग उस साइट पर पहुंच भी जाते है तो उस साइट के कंटेंट को पढ़े ही बिना दूसरे साइट पर बाउंस कर लेते है इसलिए आपको आपके साइट के डिजाइन को अच्छा कर लेना चाहिए।

Bounce rate कम करने के 10 tips कौन से है

आज हम आपको आर्टिकल के इस सेक्शन में बाउंस रेट कम करने के 10 ऐसे टिप्स के बारे में बताने का प्रयास करेंगे जिसके द्वारा आप अपने साइट के बाउंस रेट को कम कर सकते है तो चलिए शुरू करते हैं,

1) साइट का डिजाइन अच्छा होना 

अगर आपके साइट का डिजाइन और लुक काफी क्लासी है और उस साइट का कलर कॉम्बिनेशन भी काफी अट्रैक्टिव है तो जब भी कोई व्यक्ति आपके ब्लॉग साइट पर विजिट करता है तो अपने कंटेंट को पढ़ने की कोशिश तो जरूर करता है इसलिए हम आपको इस टिप्स के द्वारा यही बताने का प्रयास कर रहे है कि आपको साइट का डिजाइन अच्छा करना चाहिए क्योंकि इसके द्वारा आप अपने साइट के बाउंस रेट को कम कर सकते है।

2) पेज लोड टाइम कम करे

अगर आप अपने ब्लॉग साइट के पेज लोड टाइम को कम हो रखते है तो आपके साइट के बाउंस रेट कम ही रहेगी क्योंकि इससे लोग जब आपके साइट पर विजिट करेंगे तो उनको आपके पेज पर प्रदान की गई जानकारी जल्द से जल्द मिल जाएगी जो आपके साइट के यूजर एक्सपीरियंस को अच्छा करता है। अगर आपके साइट का पेज लोड टाइम ज्यादा होता है तो लोगो को इंतजार करना पड़ता है अपने साइट के कंटेंट को पढ़ने के लिए इस वजह से आपको अगर अपने साइट के बाउंस रेट को कम करना है तो अपने साइट के पेज लोड टाइम को कम ही रखना होगा।

3) कंटेंट क्वालिटी 

आपको अपने ब्लॉग साइट के कंटेंट की क्वालिटी पर विशेष ध्यान देना होगा। अगर आपके पेज पर कंटेंट की क्वालिटी अच्छी नही होती है तो लोग आपके साइट पर विजिट तो कर लेते है लेकिन वहा पर अपना समय बिताना नही चाहते इसलिए हम आपको यह टिप्स दे रहे है कि आपको अपने साइट के कंटेंट की क्वालिटी को हमेशा अच्छा ही रखना चाहिए क्योंकि इस वजह से आपके साइट के बाउंस रेट में काफी फर्क आ सकता है  इसलिए हम आपको यही सजेशन देंगे कि चाहे आप दो कंटेंट कम डाले लेकिन केवल क्वालिटी वाले कंटेंट ही अपने ब्लॉग साइट पर पब्लिश करे।

4) यूजर फ्रेंडली हेडिंग 

आपको seo का रोल तो मालूम ही है कि कितना है किसी भी पोस्ट को रैंक करवाने के लिए उतना ही बढ़ा फैक्टर यूजर फ्रेंडली हेडिंग भी आपके पोस्ट और साइट के बाउंस रेट पर करता हैं जब भी कोई व्यक्ति आपके साइट पर यूजर फ्रेंडली हेडिंग देखता है तो उनको एक उत्सुकता होती है कि उस पोस्ट में ऐसा क्या लिखा यूजर आपके पोस्ट को पढ़ना चाहते है जिससे आपके साइट का बाउंस रेट काफ़ी हद तक कम हो जाता है।

इसलिए हम आपको यही सजेस्ट करेंगे कि आप अपने साइट के लिए यूजर फ्रेंडली हेडिंग का ही इस्तेमाल करे जो अपने साइट के पोस्ट के रैंक और बाउंस रेट दोनो के लिए ही फायदेमंद साबित होता है।

5) कंटेंट फॉर्मेटिंग को अच्छा करे

जैसे कि हमने आपको ऊपर के सेक्शन में बताया कि यूजर फ्रेंडली हेडिंग का कितना बड़ा रोल है आपके साइट के बाउंस रेट को कम करने में उतना ही बढ़ा रोल कंटेंट फॉर्मेटिंग का भी है आपके साइट के बाउंस रेट को कम करने में। अगर आपके साइट पर जो भी कंटेंट पब्लिश है अगर वो वेल स्ट्रक्चर के साथ पब्लिश है तो जो भी व्यक्ति आपके साइट के कंटेंट को पढ़ता है वो आपका अधिक समय आपके साइट पर बिताता है जो आपके साइट के बाउंस रेट को भी काफी हद तक कम करता है।

6) इंटरनल लिंक को डाले

अगर आप अपने कंटेंट पोस्ट के बीच में इंटरनल लिंक को डालते है तो यह आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होता है क्योंकि जब भी कोई विजिटर आपके साइट पर आता है तो वो आपके लिए एक कस्टम के तौर पर काम करना चाहिए आपको अपने कंटेंट के पोस्ट के बीच में अन्य ब्लॉग पोस्ट के भी लिंक डालना चाहिए जिससे अगर व्यक्ति आपके इंटरनल लिंक के टाइटल से उत्साहित होता है तो वो अपने साइट के अन्य पोस्ट भी पढ़ता है

यह करना आपके लिए ट्रैफिक जेनरेट और सीपीसी बढ़ाने और साथ ही साथ अपने साइट पर बाउंस रेट को कम करने में सहायक साबित हो सकता है। इसलिए आपको अपने ब्लॉग पोस्ट के बीच में अन्य पोस्ट के लिंक को जरूर ऐड करना चाहिए।

7) इंटरनल लिंक दूसरे पेज पर खुले

कभी आपने यह कथा सुनी है कि हाथ को आया मुंह न लगा तो यह टॉपिक वही है जब आप इंटरनल लिंक को ऐड तो कर देते है लेकिन जब भी कोई व्यक्ति आपके इंटरनल लिंक पर क्लिक तो करता है लेकिन वो पोस्ट सेम ही पेज पर खुल जाती है तो इससे आपके साइट के बाउंस रेट वापिस बढ़ने के चांसेस काफी हद तक बढ़ जाते है इसलिए आपको अपने ब्लॉग साइट पर इंटरनल लिंक इस तरह से डालने चाहिए जिससे वो ब्लॉग पोस्ट दूसरे टैब में ही खुले।

8) मोबाइल फ्रेंडली ब्लॉग बनाए

आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आपको अपना ब्लॉग इस फॉर्मेट में लिखा चाहिए जो मोबाइल यूजर को ज्यादा सूट करता हो क्योंकि सच तो यही है कि ज्यादातर लोग ब्लॉग पोस्ट को मोबाइल के द्वारा ही पढ़ते है जिस वजह से हम आपको यह सजेस्ट कर रहे है कि आपको अपने ब्लॉग पोस्ट को मोबाइल फ्रेंडली ही बनना चाहिए क्योंकि अगर आप अपने पोस्ट को मोबाइल फ्रेंडली नही बनाते है तो लोग आपके साइट से बाउंस करके दूसरे साइट पर कुछ ही पल में चले जाते है। 

9) कंटेंट कॉपी न करे

अगर आपको अपने ब्लॉग पर बाउंस रेट को कम करना है तो आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि आपका कंटेंट कॉपी पेस्ट वाला न हो क्योंकि अगर ऐसा होता है इसके कई नुकसान है एक तो अपने ब्लॉग साइट का ऑथराइजेशन भी काफी हद तक कम ही हो जाता है साथ ही साथ आपके पेज का बाउंस रेट भी काफी हद तक बढ जाता है जिस वजह से आपको ऐसा  करने से बिलकुल बचना चाहिए।

10) फोटो और टेबल जरूर ऐड करे

अगर आप अपने ब्लॉग साइट पर फोटो या टेबल ऐड नही करते है तो यह आपके साइट को काफी हद तक बोरिंग बना देता है जिसके चलते यूजर का एक्सपीरियंस अच्छा नही होता है इस वजह से आपको अपने ब्लॉग साइट पर फोटो और टेबल ऐड करना होगा जिससे आपके साइट का बाउंस रेट काफ़ी हद तक कम हो जाता है।

निष्कर्ष

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको यह बताने का प्रयास किया है कि बाउंस रेट क्या है और उसको कम करने के लिए आप क्या क्या कर सकते है। अगर उसके बाद आपके मन में किसी भी प्रकार का कोई सवाल आता है तो आप हमसे नीचे दिए गए कॉमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं।

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